नवम्बर के अंतिम दिन । सुबह की हलकी ठंड और धूप के रेशों का धीरे धीरे फैलना लिल्लाह ऐसा नज़ारा बस जम जाए और हम इस पर फिसलते रहें ।
लेबल: ठंड, सुबह
प्रस्तुतकर्ता Satya @ 5:33 pm 0 टिप्पणियाँ
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